चीन ने कई सालों से क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है, और इसके रेगुलेशन सीधे तौर पर बिटकॉइन (BTC) के चार साल के साइकिल से जुड़े ग्लोबल प्राइस में उतार-चढ़ाव पर असर डालते हैं। 2013 से 2025 तक, देश ने कई रेगुलेशन पास किए, जिन्होंने क्रिप्टोएसेट्स के लीगल स्टेटस और फाइनेंशियल सिस्टम में उनकी जगह को बताया।
चीन में बिटकॉइन रेगुलेशन: एक टाइमलाइन
2013: रेगुलेशन की ओर पहला कदम
दिसंबर 2013 में, पीपल्स बैंक ऑफ़ चाइना (PBOC) की लीडरशिप में पाँच मिनिस्ट्रीज़ ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया, जिसमें देश में क्रिप्टोकरेंसी की पहली पूरी डेफिनिशन दी गई। डॉक्यूमेंट का टाइटल था "बिटकॉइन से जुड़े रिस्क पर चेतावनी।" स्टेटमेंट में साफ तौर पर कहा गया था कि बिटकॉइन कोई करेंसी या लीगल टेंडर नहीं है, और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन बिटकॉइन से जुड़ी सर्विस नहीं दे सकते। इस कदम ने चीन में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर पहली सिस्टमैटिक रोक लगाई।
2017: ICO बैन
सितंबर 2017 में, सात मंत्रालयों ने मिलकर "टोकन फाइनेंसिंग के जोखिमों पर चेतावनी" नाम का एक बयान जारी किया। इस फैसले ने देश में सभी ICO पर पूरी तरह से बैन लगा दिया, प्रोजेक्ट टीमों को जमा किए गए सभी फंड वापस करने के लिए कहा, और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज को गैर-कानूनी फंडिंग प्लेटफॉर्म घोषित कर दिया। इस कदम को "94 इंसिडेंट" के नाम से जाना जाता है, जिसने ग्लोबल मार्केट को हिलाकर रख दिया और चीन में ICO युग का अंत कर दिया।
2021: सबसे आक्रामक कदम
सितंबर 2021 में दस सरकारी एजेंसियों द्वारा साइन किए गए इस डिक्लेरेशन को चीन का अब तक का सबसे आक्रामक रेगुलेटरी कदम माना गया। इसने सभी क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन और सर्विसेज़ को गैर-कानूनी फाइनेंशियल एक्टिविटीज़ के तौर पर क्लासिफाई किया। क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग को भी मजबूत किया गया, जिसका मार्केट पर भी काफी असर पड़ा।
2025: उम्मीदें और अनुमान
अभी के अनुमानों के मुताबिक, चीन 2025 में अपने क्रिप्टोकरेंसी रेगुलेशन को और सख्त कर सकता है। इससे बिटकॉइन और दूसरे क्रिप्टो एसेट्स की कीमतों में और उतार-चढ़ाव हो सकता है, क्योंकि मार्केट चीनी अधिकारियों के एक्शन पर रिएक्ट करना जारी रखेगा।
ग्लोबल मार्केट पर असर
इनमें से हर रेगुलेटरी कदम का ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी मार्केट पर बड़ा असर पड़ा है। चीन के रेगुलेशन को सख्त करने से अक्सर बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे दुनिया भर के इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स के लिए चीनी पॉलिसी की अहमियत पता चलती है।
नतीजा
चीन बेशक क्रिप्टोकरेंसी मार्केट के डायनामिक्स को बनाने में अहम भूमिका निभाता है। इसके रेगुलर रेगुलेटरी बदलाव बिटकॉइन के बुलिश और बेयरिश साइकिल का अंदाज़ा लगा सकते हैं, जिससे इसके एक्शन मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए एक ज़रूरी इंडिकेटर बन जाते हैं। इन्वेस्टर्स को भविष्य में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को बेहतर ढंग से समझने के लिए चीन में होने वाले नए इनिशिएटिव्स और पॉलिसी बदलावों पर करीब से नज़र रखनी चाहिए।