US ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने अपने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग ओवरसाइट सिस्टम में बड़े बदलावों का प्रस्ताव देकर फाइनेंशियल रेगुलेशन में एक बड़ा कदम उठाया है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव फाइनेंशियल क्राइम एनफोर्समेंट नेटवर्क (FinCEN) के अंदर ओवरसाइट को सेंट्रलाइज़ करने की कोशिश करता है। यह पहल मौजूदा सिस्टम की आलोचना के जवाब में आई है, जिसे ट्रेजरी अधिकारी पुराने और मॉडर्न फाइनेंशियल क्राइम रिस्क से निपटने में बेअसर मानते हैं।
सिस्टम में बड़े बदलाव के कारण
मौजूदा एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग ओवरसाइट सिस्टम की बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन ने आलोचना की है। मुख्य शिकायतें नीचे दी गई हैं:
- ज़्यादा लागत: मौजूदा रेगुलेशन का पालन करने के लिए काफी फाइनेंशियल रिसोर्स की ज़रूरत होती है, जिससे बैंकों पर ज़्यादा बोझ पड़ता है।
- बहुत ज़्यादा सख्ती: मौजूदा ज़रूरतें अक्सर बहुत सख्त होती हैं, जिससे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के ऑपरेशन में रुकावट आती है।
- इनएफिशिएंसी: मौजूदा सिस्टम हमेशा बड़े पैमाने पर क्रिमिनल मनी फ्लो को असरदार तरीके से नहीं रोक पाता है।
FinCEN के लिए नई पावर
प्रस्तावित प्लान के तहत, FinCEN को ज़्यादा पावर मिलेंगी जिससे वह ये कर सकेगा:
- दूसरे रेगुलेटर के फैसलों का रिव्यू करना: इससे FinCEN फाइनेंशियल माहौल में बदलावों पर ज़्यादा फ्लेक्सिबल तरीके से रिस्पॉन्ड कर सकेगा और मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के अपने तरीकों को बदल सकेगा।
- वीटो फैसले: FinCEN उन फैसलों को ब्लॉक कर सकेगा जो उसे मॉडर्न ज़रूरतों और जोखिमों के हिसाब से सही नहीं लगते।
ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के लक्ष्य
ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन कम्प्लायंस को आसान बनाना चाहता है, जिसमें ये शामिल हैं:
- छोटे-मोटे उल्लंघनों पर जुर्माना न लगाना: इससे बैंक ज़्यादा गंभीर उल्लंघनों पर फोकस कर सकेंगे और एडमिनिस्ट्रेटिव बोझ कम कर सकेंगे।
- सिस्टम पर फिर से फोकस करना: फोकस गंभीर गैर-कानूनी एक्टिविटी की पहचान करने पर होगा, जिससे फाइनेंशियल क्राइम के खिलाफ लड़ाई का असर बेहतर होना चाहिए।
निष्कर्ष
एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग सुपरविज़न सिस्टम में प्रस्तावित बदलाव इस क्षेत्र में ज़्यादा असरदार और मॉडर्न तरीके की ओर एक ज़रूरी कदम हो सकते हैं। FinCEN के अंदर सुपरविज़न को सेंट्रलाइज़ करने और इसके अधिकार को बढ़ाने से फ़ाइनेंशियल क्राइम से निपटने में मदद मिल सकती है, साथ ही बैंकों पर बोझ कम होगा और सिस्टम का पूरा असर बेहतर होगा। इस पहल के आगे के डेवलपमेंट और US फ़ाइनेंशियल सेक्टर पर इसके असर पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।