NEAR प्रोटोकॉल डेवलपर्स ने एक बड़ी कामयाबी की घोषणा की: उनके ब्लॉकचेन ने एक पब्लिकली वेरिफ़िएबल बेंचमार्क में 1 मिलियन ट्रांज़ैक्शन प्रति सेकंड (TPS) का थ्रूपुट दिखाया। यह कामयाबी NEAR प्रोटोकॉल के सबसे स्केलेबल ब्लॉकचेन सॉल्यूशन में से एक होने की क्षमता को दिखाती है।
टेक्निकल टेस्ट डिटेल्स
NEAR टीम ने टेस्ट करने के लिए असली नियरकोर कोड और 8-कोर प्रोसेसर वाली स्टैंडर्ड मशीनों का इस्तेमाल किया। इससे पता चलता है कि ब्लॉकचेन को स्केल करने के लिए महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत नहीं होती है। टेस्ट 70 शार्ड्स पर किया गया, जिससे सिस्टम की असली परफॉर्मेंस का अंदाज़ा उन हालातों में लगाया जा सका जो असल दुनिया के यूज़ केस से काफी मिलते-जुलते हैं।
रियलिस्टिक लोड और ट्रैफिक डिस्ट्रीब्यूशन
डेवलपर्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि टेस्ट ने शार्ड्स में रियलिस्टिक लोड और ट्रैफिक डिस्ट्रीब्यूशन को सिमुलेट किया। यह ज़रूरी है, क्योंकि इंडस्ट्री में ज़्यादातर हाई TPS रिज़ल्ट ऐसी हालतों में मिलते हैं जो असल दुनिया के यूज़ केस को नहीं दिखाते हैं। NEAR टीम ने जानबूझकर स्पेशलाइज़्ड सर्वर्स को बाहर रखा और मेनस्ट्रीम क्लाउड सर्विसेज़ के बराबर हार्डवेयर का इस्तेमाल किया, जिससे रिज़ल्ट ज़्यादा मतलब वाले बन गए।
ऑप्टिमाइज़ेशन और सुधार
इस काम से हमें टेक्निकल रुकावटों की पहचान करने और प्रोटोकॉल की कई लेयर्स को ऑप्टिमाइज़ करने में मदद मिली। इन सुधारों का एक बड़ा हिस्सा पहले ही लेटेस्ट मेननेट वर्शन में लागू किया जा चुका है, जो टीम के सुधार के लिए लगातार कमिटमेंट को दिखाता है।
आगे प्रोटोकॉल डेवलपमेंट
NEAR के रिप्रेजेंटेटिव्स ने बताया कि 1 मिलियन TPS तक पहुँचना प्रोटोकॉल की स्केलेबिलिटी लिमिट नहीं है। NEAR आर्किटेक्चर डायनामिक रीशार्डिंग और कंसेंसस और एग्जीक्यूशन को अलग करके आगे डेवलपमेंट की इजाज़त देता है। ये मैकेनिज्म हार्डवेयर रिप्लेसमेंट की ज़रूरत के बिना नेटवर्क के बढ़ने पर परफॉर्मेंस को बढ़ाने की इजाज़त देते हैं।
लॉन्ग-टर्म स्केलेबिलिटी और एप्लीकेशन
टीम को भरोसा है कि शार्डिंग के ज़रिए हॉरिजॉन्टल स्केलिंग ही हाई-ट्रैफिक ब्लॉकचेन के लिए एकमात्र लॉन्ग-टर्म वायबल रास्ता है। हासिल किया गया थ्रूपुट NEAR इंटेंट्स इकोसिस्टम के लिए लॉन्ग-टर्म स्केलेबिलिटी पक्का करता है, जो बड़े डेटा फ्लो और हाई ट्रांजैक्शन रेट वाले एप्लीकेशन के लिए खास तौर पर ज़रूरी है।
AI इकॉनमी के लिए एक तरीका
टीम इस बात पर ज़ोर देती है कि शार्डिंग आर्किटेक्चर AI इकॉनमी सिनेरियो के लिए बहुत सही है। ऐसे सिस्टम में थ्रूपुट की सीमाएं एक बड़ी रुकावट हो सकती हैं, और NEAR प्रोटोकॉल का मकसद हाई परफॉर्मेंस और रिलायबिलिटी पक्का करके इन सीमाओं को दूर करना है।
निष्कर्ष
NEAR प्रोटोकॉल में 1 मिलियन TPS हासिल करने से हाई थ्रूपुट की ज़रूरत वाले एप्लिकेशन के डेवलपमेंट और डिप्लॉयमेंट के लिए नए रास्ते खुलते हैं। यह माइलस्टोन NEAR की क्षमता को दिखाता है, जो एक लीडिंग ब्लॉकचेन सॉल्यूशन है जो मॉडर्न डिजिटल दुनिया की बढ़ती मांगों को पूरा करने में सक्षम है।