काबर्डिनो-बलकारिया में हाल की घटनाओं ने एक बार फिर गैर-कानूनी क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग की समस्या की ओर ध्यान खींचा है। इलाके के एनर्जी अधिकारियों ने एक अंडरग्राउंड माइनिंग फार्म का पता लगाया, जिससे पावर ग्रिड को करीब 6 मिलियन रूबल का नुकसान हुआ। यह मामला रूस में क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग के लिए बिजली चोरी की बढ़ती समस्या को दिखाता है।
अंडरग्राउंड फार्म का पता चला
यह अंडरग्राउंड फार्म उर्वांस्की जिले के स्टारी चेरेक गांव में मिला। क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले करीब 20 ASIC माइनर खाली पड़ी इमारतों में रखे गए थे। सभी डिवाइस खास नॉइज़-कैंसलिंग एनक्लोजर में लगाए गए थे, जो लोकल अधिकारियों और एनर्जी अधिकारियों से इस गैर-कानूनी काम को छिपाने की कोशिश का इशारा है।
रोसेटी नॉर्थ कॉकेशस की एक ब्रांच, कबाल्केनेर्गो के मुताबिक, अपराधियों ने गैर-कानूनी तरीके से पावर ग्रिड से कनेक्शन बनाया और 764,000 किलोवाट-घंटे बिजली खर्च की, जिससे 5.8 मिलियन रूबल का नुकसान हुआ। कंपनी के स्पेशलिस्ट ने एक खाली जगह पर बनी दो टूटी-फूटी, नॉन-रेसिडेंशियल इमारतों में गैर-कानूनी कनेक्शन पाए।
कानूनी असर
मामले की अभी पुलिस जांच चल रही है, और रशियन क्रिमिनल कोड के आर्टिकल "धोखे से या भरोसे का गलत इस्तेमाल करके प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना" के तहत क्रिमिनल केस खोलने का फैसला किया जा रहा है। अंडरग्राउंड माइनर्स को कड़ी सज़ा हो सकती है, जिसमें पांच साल तक की जेल भी शामिल है।
कानूनी पहल
यह मामला अकेला नहीं है। पतझड़ में, रशियन स्टेट ड्यूमा ने क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग के दौरान बिजली की चोरी को क्रिमिनल बनाने के उपाय सुझाए थे। यह क्रिप्टोकरेंसी सेक्टर में गैर-कानूनी एक्टिविटी और देश के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर इसके असर को लेकर अधिकारियों की बढ़ती चिंता को दिखाता है।
नतीजा
काबर्डिनो-बलकारिया में एक अंडरग्राउंड माइनिंग फार्म को तोड़ना इस बात की याद दिलाता है कि गैर-कानूनी क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अधिकारी और एनर्जी कंपनियां ऐसी एक्टिविटी की पहचान करने और उन्हें रोकने के लिए एक्टिव रूप से काम कर रही हैं, जिससे इस एरिया में सख्त कानून बन सकते हैं।