3 दिसंबर, 2025 को, इथेरियम डेवलपर्स ने मेननेट पर फुसाका अपग्रेड को सफलतापूर्वक डिप्लॉय किया, जो पूरे इकोसिस्टम के लिए एक अहम घटना थी। यह अपग्रेड मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के हिसाब से दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी की स्केलेबिलिटी, एफिशिएंसी और सिक्योरिटी को बढ़ाने के मकसद से बेसिक सुधार लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हार्ड फोर्क एक्टिवेशन के बाद, ETH की कीमत 3.6% बढ़ गई, जो नए फीचर्स के लिए मार्केट का पॉजिटिव रिएक्शन दिखाता है।
फुसाका में लागू किए गए बड़े बदलाव
फुसाका अपग्रेड, पेक्ट्रा के बाद दूसरा सबसे बड़ा अपग्रेड है और इसमें दस नेटवर्क सुधार प्रपोज़ल शामिल हैं। सबसे अहम में से एक EIP-7594 है, जो PeerDAS प्रोटोकॉल लाता है। यह टेक्नोलॉजी वैलिडेटर को पूरे ब्लॉब के बजाय डेटा के छोटे हिस्सों को वेरिफाई करने की सुविधा देती है, जिससे पूरे इथेरियम इकोसिस्टम के लिए डेटा की अवेलेबिलिटी काफी बढ़ जाती है।
मुख्य सुधार
1. थ्रूपुट में बढ़ोतरी: फुसाका ने लेयर-वन गैस लिमिट को दोगुना से ज़्यादा करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे ब्लॉकचेन थ्रूपुट 12,000 ट्रांज़ैक्शन प्रति सेकंड (TPS) तक बढ़ सकता है।
2. EIP-7825: हर ट्रांज़ैक्शन के लिए गैस लिमिट 30 मिलियन तय करता है, जिससे नेटवर्क सिक्योरिटी मज़बूत होती है और कंजेशन रुकता है।
3. EIP-7939 और EIP-7951: ये प्रस्ताव ZK सॉल्यूशंस की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाते हैं और उनकी क्षमताओं को बढ़ाते हैं, जो ट्रांज़ैक्शन प्राइवेसी और सिक्योरिटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है।
यह अपग्रेड दिसंबर से जनवरी तक अलग-अलग स्टेज में लागू किया जाएगा, जिससे टीम किसी भी संभावित समस्या को अच्छी तरह से मॉनिटर कर सकेगी और उसे ठीक कर सकेगी।
मार्केट रिएक्शन
हार्ड फोर्क एक्टिवेशन के बाद इथेरियम की कीमत 24 घंटों में 3.6% बढ़ गई। लिखते समय, एसेट $3,100 के आसपास ट्रेड कर रहा है। इससे पता चलता है कि इन्वेस्टर और ट्रेडर फुसाका द्वारा इकोसिस्टम में लाए गए बदलावों को लेकर पॉजिटिव हैं।
ETH/USDT चार्ट

इथेरियम का भविष्य: ग्लैमस्टरडैम पर एक नज़र
फुसाका के सफल डिप्लॉयमेंट के बाद, इथेरियम डेवलपमेंट टीम अगले हार्ड फोर्क, ग्लैमस्टरडैम पर फोकस करेगी, जो इथेरियम टेक्निकल रोडमैप के द सर्ज फेज़ का हिस्सा है। इस अपग्रेड का मकसद नेटवर्क स्केलेबिलिटी और परफॉर्मेंस को और बेहतर बनाना भी है।
निष्कर्ष
फुसाका हार्ड फोर्क इथेरियम के लिए एक बड़ा कदम है, जो स्केलेबिलिटी और सिक्योरिटी में काफी सुधार करता है। PeerDAS जैसी नई टेक्नोलॉजी के आने और गैस लिमिट में बढ़ोतरी के साथ, इथेरियम क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में अपनी जगह मजबूत करता जा रहा है। अपग्रेड का सफल एक्टिवेशन और मार्केट का पॉजिटिव रिएक्शन इकोसिस्टम के भविष्य के लिए इन बदलावों की अहमियत को दिखाता है। इथेरियम इन्वेस्टर और यूज़र नए मौकों और सुधारों की उम्मीद कर सकते हैं।