साउथ कोरिया का सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, अपबिट, नैस्डैक पर एक संभावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तैयारी कर रहा है। यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है जब टेक की बड़ी कंपनी नेवर एक लैंडमार्क शेयर-स्वैप मर्जर में अपबिट की पेरेंट कंपनी, डुनामू को खरीदने की योजना बना रही है।
नेवर और डुनामू मर्जर
अगले हफ़्ते नेवर की बोर्ड मीटिंग में इस कदम को मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है। नेवर और डुनामू के बीच मर्जर से एशिया के सबसे पावरफुल फिनटेक और क्रिप्टोकरेंसी ग्रुप में से एक बनेगा। इससे साउथ कोरिया की US कैपिटल मार्केट में एंट्री भी तेज़ होगी, जिससे लोकल कंपनियों के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अपबिट जल्द ही US में ऑपरेशन शुरू कर सकता है, जो एक्सचेंज के लिए एक बड़ा कदम होगा क्योंकि वह अपनी इंटरनेशनल प्रेजेंस बढ़ाना चाहता है।
इंटरनेशनल स्टेज पर अपबिट का पोटेंशियल
नेवर और डुनामू के मर्जर से नेवर का फिनटेक इकोसिस्टम, घरेलू क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में अपबिट के 70% शेयर के साथ मिल जाएगा। इससे एक ग्लोबल लेवल का डिजिटल फाइनेंस प्लेटफॉर्म बनेगा जो इंटरनेशनल लेवल पर बड़े प्लेयर्स के साथ मुकाबला कर सकेगा।
एशिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज में से एक के तौर पर, Upbit ने खुद को पहले ही एक भरोसेमंद मार्केट प्लेयर के तौर पर स्थापित कर लिया है, और Nasdaq पर लिस्टिंग से इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन काफी बढ़ सकता है और नए इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट कर सकता है।
नतीजा
इस तरह, Nasdaq पर IPO के साथ US मार्केट में Upbit की एंट्री न सिर्फ एक्सचेंज के लिए बल्कि पूरे साउथ कोरियन फिनटेक मार्केट के लिए भी एक अहम कदम है। Naver के साथ मर्जर से ग्रोथ और डेवलपमेंट के नए मौके खुलते हैं, जिससे शायद एक पावरफुल डिजिटल फाइनेंस प्लेटफॉर्म बन सकता है जो ग्लोबल लेवल पर मुकाबला कर सके।