“एपिक फ्यूरी” और “शील्ड ऑफ जुडा”: वाशिंगटन और तेल अवीव ने मिलाया हाथ
28 फरवरी, 2026 के दिन को इतिहास में दशकों में मध्य पूर्व के सबसे बड़े सैन्य टकराव की शुरुआत के रूप में दर्ज किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्र के नाम एक आपातकालीन वीडियो संदेश में इज़राइल के साथ संयुक्त सैन्य अभियान की घोषणा की। इस मिशन के अमेरिकी हिस्से का कोड नाम “एपिक फ्यूरी” है, जबकि इज़राइली सेना “शील्ड ऑफ जुडा” योजना के तहत काम कर रही है।
इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने निवारक हमले की पुष्टि की और जोर दिया कि इसका लक्ष्य राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को पूरी तरह से खत्म करना है। CBS News पर ट्रंप के भाषण के प्रतिलेख के अनुसार, हमलों का उद्देश्य तेहरान के परमाणु बुनियादी ढांचे और मिसाइल क्षमता को नष्ट करना है। अमेरिकी नेता ने सोशल नेटवर्क X पर ईरानी लोगों को संबोधित करते हुए लिखा, “बम हर जगह गिरेंगे। जब हम समाप्त कर लेंगे, तो अपनी सरकार को अपने नियंत्रण में ले लेना।”
हमले का घटनाक्रम: तेहरान पर भीषण गोलाबारी
हमलों का भूगोल और पहली तबाही
मुख्य हमले अमेरिकी वायुसेना और नौसेना द्वारा हवा और समुद्र से किए जा रहे हैं। ईरान के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्फोटों की खबरें हैं:
तेहरान: दानेशगाह एवेन्यू, जोमहुरी और पास्तूर क्षेत्रों में लगभग सात मिसाइलें गिरने की सूचना है। सर्वोच्च नेता के आवास और राष्ट्रपति महल के ठीक पास धुएं का गुबार उठता देखा गया।
अन्य क्षेत्र: हमले इस्फ़हान, कोम, केरमानशाह और कारज पर भी किए गए हैं।
वर्तमान ऑपरेशन का पैमाना जून 2025 के हमलों से काफी बड़ा है। सूत्रों के अनुसार, योजना कई महीनों से बनाई जा रही थी। इज़राइल में आपातकाल घोषित कर दिया गया है: हवाई क्षेत्र बंद है, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में कक्षाएं बंद कर दी गई हैं, और सामूहिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
तेहरान का जवाब: इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार
ईरानी पक्ष ने तुरंत जवाब दिया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इज़राइली क्षेत्र पर बैलिस्टिक मिसाइलों की पहली लहर शुरू करने की पुष्टि की। देश के उत्तर में और तेल अवीव के आसपास हवाई हमले के सायरन बज रहे हैं, जहाँ पहले से ही धुएं के बादल देखे गए हैं।
सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को राजधानी के बाहर एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। ईरान के आधिकारिक प्रतिनिधियों का कहना है कि वे एक “विनाशकारी जवाब” तैयार कर रहे हैं जो पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को प्रभावित कर सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: मास्को ने वाशिंगटन की आलोचना की
रूसी संघ ने संघर्ष बढ़ने पर तेजी से प्रतिक्रिया दी। रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने MAX मैसेंजर पर अपने चैनल में ट्रंप के कार्यों की तीखी आलोचना की। उन्होंने ईरान के साथ अमेरिका के पिछले राजनयिक संपर्कों को एक “कवर ऑपरेशन” बताया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति, जिन्होंने खुद को शांतिदूत के रूप में पेश किया था, उन्होंने “अपना असली चेहरा दिखा दिया है।”
मेदवेदेव ने ऐतिहासिक संदर्भ पर भी ध्यान केंद्रित किया, याद दिलाया कि अमेरिका का अस्तित्व केवल 249 वर्षों का है, जबकि फारसी साम्राज्य की निरंतरता 2,500 वर्षों से अधिक है।
आने वाले दिनों में क्या उम्मीद करें?
इज़राइल ऑपरेशन के पहले फ़ेज़ में चार दिनों के ज़बरदस्त हमलों की तैयारी कर रहा है। इंटरनेशनल कम्युनिटी को डर है कि यह लड़ाई तीसरे देशों को शामिल करते हुए एक बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगी और ग्लोबल एनर्जी मार्केट के लिए इसके भयानक नतीजे होंगे।
एडिटोरियल टीम रियल टाइम में डेवलपमेंट पर नज़र रखती है।